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आम के रोग (Mango Diseases): 7 बड़े रोग, पहचान, इलाज और 30% ज्यादा पैदावार की गारंटी

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किसान भाइयों, अगर आम की बागवानी में सही समय पर आम के रोग (Mango Diseases) की पहचान और इलाज न किया जाए, तो अच्छी-खासी पैदावार भी नुकसान में बदल सकती है। अगर समय रहते इन बीमारियों की पहचान और इलाज न किया जाए, तो फसल का 50% से 80% तक नुकसान हो सकता है। आज के इस आर्टिकल में हम आम के प्रमुख रोगों, उनके लक्षणों और जैविक व रासायनिक उपचारों के बारे में विस्तार से बात करेंगे ताकि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।

एन्थ्रेक्नोज रोग या काला धब्बा रोग (Anthracnose Disease in Mango)

एन्थ्रेक्नोज आम के रोग (Mango Diseases) में सबसे आम और खतरनाक रोग माना जाता है। यह फफूंद (Fungus) से फैलता है जो Colletotrichum gloeosporioides के कारण होता है जिससे फूल झड़ जाते हैं और पत्तियों, फूलों व फलों पर काले धब्बे बना देता है। बारिश और अधिक नमी में यह तेजी से फैलता है, जिससे फल सड़ने लगते हैं, जिससे बाजार में उनका दाम नहीं मिल पाता। भंडारण (Storage) के दौरान भी यह रोग फल को खराब कर देता है।
समय पर छिड़काव न हो तो 40–50% तक नुकसान हो सकता है।

उपाय: संक्रमित टहनियों की छंटाई, गिरे पत्तों की सफाई और फूल आने से पहले कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (0.3%) या मैन्कोज़ेब का 15–20 दिन के अंतर पर छिड़काव करें।

Source: https://icar.org.in NHB – National Horticulture Board, https://nhb.gov.in/pdf/fruits/mango/man002.pdf

खर्रा रोग या पाउडरी मिल्ड्यू (Powdery Mildew in Mango)

पाउडरी मिल्ड्यू आम के रोग (Mango Diseases) में एक खतरनाक रोग है, जो Oidium mangiferae नामक फफूंद से होता है।यह रोग फूल आने के समय ज्यादा दिखाई देता है। सफेद पाउडर जैसा पदार्थ फूलों, छोटी डालियों और नन्हे फलों और कोमल पत्तियों पर जम जाता है। जिससे मंजरियां सूख जाती हैं और फल सेट काफी कम हो जाता है, खासकर फूल आने के समय हल्की नमी और ठंडी रातों में। आम के रोग (Mango Diseases) में यह रोग ठंडी और नमी वाली जलवायु में तेजी से फैलता है। आम के रोग (Mango Diseases) की इस श्रेणी में अगर सही समय पर छिड़काव न हो, तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।

उपाय: बगीचे में हवा का अच्छा आवागमन, घनी टहनियों की छंटाई, और प्री-ब्लूम तथा फूल अवस्था और 0.2% घुलनशील गंधक (Sulphur) या हेक्साकोनाजोल का छिड़काव करें।
Internal Link: https://biharagro.com

डाइबैक रोग (Dieback Disease of Mango)

डाईबैक भी प्रमुख आम के रोग (Mango Diseases) में से है, जिसमें डाइबैक में टहनियाँ ऊपर से सूखने लगती है और धीरे-धीरे पूरी शाखा मरने लगती है। प्रभावित टहनियों पर पहले भूरे या काले धब्बे बनते हैं, छाल फटने लगती है और पत्तियां पीली होकर झड़ जाती हैं, और रोग ज्यादा बढ़ने पर धीरे-धीरे पूरा पेड़ कमजोर हो जाता है। यह आम के रोग (Mango Diseases) में लंबे समय तक असर करने वाला रोग है।

उपाय: सूखी व संक्रमित टहनियों को स्वस्थ भाग से थोड़ा नीचे काटकर जला देना, कटे हिस्से पर बोर्डो पेस्ट लगाना और साल में 2–3 बार कॉपर ऑक्सीक्लोराइड या कार्बेन्डाजिम और कॉपर फंगीसाइड का छिड़काव करें।
Source: https://ccari.res.in/dss/mango.html

बैक्टीरियल कैंकर (Bacterial Canker in Mango)

बैक्टीरियल कैंकर, Xanthomonas campestris pv. mangiferaeindicae (Xcmi) से होने वाला खतरनाक है इस रोग में तना, पत्तियाँ और फल सभी प्रभावित होते हैं। पत्तियों, टहनियों और फलों पर पानी भरे छोटे धब्बों के रूप में शुरू होकर बाद में काले, उभरे और फटने वाले कैंकर में बदल जाता है। पत्तियां पीली होकर समय से पहले झड़ जाती हैं, फलों पर दानेदार काले धब्बे व गोंद जैसा स्राव दिखता है, जिससे भारी मात्रा में फल झड़ सकते हैं। फल फट जाते हैं और बेचने लायक नहीं रहते।
आम के रोग (Mango Diseases) में यह सबसे ज्यादा नुकसान देने वाले रोगों में शामिल है।

उपाय: संक्रमित भागों की समय पर काट-छांट, स्वच्छ बाग, स्ट्रेप्टोसाइक्लिन + कॉपर ऑक्सीक्लोराइड जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक (सिफारिश के अनुसार) का छिड़काव से रोग को काफी हद तक रोका जा सकता है।

रेड रस्ट रोग (Red Rust Disease of Mango)

यह रोग शैवाल (Algae) से होता है। पत्तियों पर लाल-भूरे धब्बे दिखते हैं। आम के रोग (Mango Diseases) में यह धीरे फैलने वाला लेकिन लंबे समय तक असर करने वाला रोग है।

उपाय: कॉपर आधारित दवाओं का छिड़काव से काफी हद तक रोका जा सकता है।

सूटी मोल्ड (Sooty Mold in Mango)

यह रोग कीटों द्वारा छोड़े गए मीठे रस पर काली फफूंद जमने से होता है। आम के रोग (Mango Diseases) में यह प्रकाश संश्लेषण को रोक देता है।

उपाय: पहले कीट नियंत्रण करें, फिर नीम तेल का छिड़काव।

गुच्छा रोग (Malformation)

किसान भाइयों, आम के रोग (Mango Diseases) में गुच्छा रोग एक ऐसी समस्या है जिसमें आम के फूल और पत्तियां एक गुच्छे का रूप ले लेती हैं। इसे स्थानीय भाषा में ‘बांझपन’ भी कहा जाता है। इसमें फूल फल में तब्दील नहीं होते और पौधे की बढ़त रुक जाती है। यह फफूंद और माइट्स (Mites) के कारण होता है। प्रभावित हिस्से में छोटे-छोटे पत्तों का ढेर बन जाता है जो देखने में बदसूरत और खेती के लिए नुकसानदेह होता है।

उपाय: प्रभावित हिस्सों को काटकर जला दें और अक्टूबर-नवंबर में ‘नैफ्थलीन एसिटिक एसिड’ (NAA) का छिड़काव करें।

काला सिरा रोग (Black Tip of Mango)

यह रोग विशेष रूप से उन बागों में देखा जाता है जो ईंटों के भट्ठों के पास होते हैं। भट्ठों से निकलने वाली गैसों (सल्फर डाइऑक्साइड) के कारण आम का निचला हिस्सा काला होकर सख्त हो जाता है। आम के रोग (Mango Diseases) में यह एक अजैविक विकार है। इससे फल खाने लायक नहीं रहता और बाजार में इसकी कोई कीमत नहीं रहती।

उपाय: बागों को भट्ठों से कम से कम 2-3 किलोमीटर दूर लगाएं और बोरेक्स (0.6%) का छिड़काव करें।

आम के रोगों (Mango Diseases) का समन्वित प्रबंधन (Integrated Management)

आम के रोग (Mango Diseases) से बचे रहने के लिए समन्वित रोग प्रबंधन (IDM) अपनाना सबसे बेहतर तरीका है, जिसमें सांस्कृतिक, यांत्रिक, जैविक और रासायनिक सभी उपाय शामिल हों। इसके लिए प्रमाणित व रोगमुक्त पौधे लगाएं, उचित दूरी पर रोपण करें, बगीचे में सफाई रखें, समय-समय पर छंटाई करें, गिरी पत्तियां व रोगग्रस्त भाग नष्ट करें, साथ ही जैविक फफूंदनाशी (Trichoderma) आदि और जरूरत अनुसार अनुशंसित कॉपर या सिस्टमिक फफूंदनाशी का रोटेशन में प्रयोग करें। इससे आम के रोग (Mango Diseases) की तीव्रता कम होती है और रासायनिक दवाओं पर निर्भरता भी घटती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

आम के रोग (Mango Diseases) को जितनी जल्दी पहचाना जाएगा, उतनी ही आसानी से इनका नियंत्रण संभव है और उत्पादन सुरक्षित रहेगा। उचित छंटाई, स्वच्छता, संतुलित पोषण और वैज्ञानिक छिड़काव कार्यक्रम अपनाकर किसान भाई आम के रोग (Mango Diseases) से होने वाले आर्थिक नुकसान को काफी हद तक रोक सकते हैं।
Internal Link:https://biharagro.com/aam-ki-kheti-mango-farming-guide/

FAQ: आम के रोग (Mango Diseases): पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आम के पेड़ों पर फूल आने के समय कौन सी दवा डालनी चाहिए?

फूल आने पर (बौर आने पर) आम के रोग (Mango Diseases) जैसे पाउडरी मिल्ड्यू से बचने के लिए घुलनशील गंधक या कार्बेन्डाजिम का छिड़काव करना चाहिए।

आम का फल काला होकर क्यों गिरता है?

यह मुख्य रूप से ‘एंथ्रेकनोज’ फफूंद या पोषक तत्वों (जैसे बोरॉन) की कमी के कारण होता है।

आम के गुच्छा रोग को कैसे रोकें?

प्रभावित टहनियों की छंटाई करें और अक्टूबर के महीने में 200 ppm NAA का छिड़काव करें।

क्या ईंट के भट्ठे आम की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं?

हाँ, भट्ठे का धुआं ‘काला सिरा’ (Black Tip) रोग पैदा करता है, जिससे फल खराब हो जाते हैं।

आम के रोग (Mango Diseases) से बचाव के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

रोग के अनुसार कॉपर ऑक्सीक्लोराइड, हेक्साकोनाजोल और स्ट्रेप्टोसाइक्लिन सबसे असरदार हैं।

क्या आम के रोग (Mango Diseases) से 50% तक नुकसान हो सकता है?

हां, समय पर इलाज न हो तो भारी नुकसान संभव है।

आम के रोग (Mango Diseases) में जैविक उपाय क्या हैं?

नीम तेल, ट्राइकोडर्मा और गोमूत्र आधारित घोल उपयोगी हैं।

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