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बिहार में बारिश की कमी से परेशान किसानों के लिए राहत की खबर है। बिहार सरकार ने साफ किया है कि जिन इलाकों में सूखे की स्थिति बनेगी, वहां किसानों को डीजल अनुदान दिया जाएगा। जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर अनुदान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही खेती के मौसम में सिंचाई में दिक्कत न हो, इसके लिए किसानों को रोजाना 12 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाएगी। कृषि से जुड़ी ऐसी ही नई जानकारी के लिए किसान भाइयों Bihar Agro को विजिट करें।

बिहार में मिलेगा डीजल पर अनुदान (Bihar Diesel Subsidy 2026)
बिहार में इस बार सामान्य से कम बारिश होने का असर खरीफ सीजन की खेती पर साफ दिखाई देने लगा है। कई जगह किसानों को सिंचाई की चिंता सताने लगी है। इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि जिन जिलों में सूखे जैसी स्थिति बनेगी, वहां किसानों को डीजल अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों से बारिश, फसलों की स्थिति और खेती पर पड़े असर की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जैसे ही यह रिपोर्ट सरकार को मिलेगी, पात्र किसानों के लिए डीजल अनुदान जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। देने की घोषणा की है। इसके तहत 75 रुपये प्रति लीटर की दर से 750 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई अनुदान दिया जाएगा।
इसके अलावा सरकार ने बिजली विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि खेती के मौसम में किसानों को सिंचाई के लिए हर दिन कम से कम 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि पानी की कमी के कारण फसलों को नुकसान न उठाना पड़े।
धान की रोपाई पर बारिश की कमी का असर, शुरुआती दौर में खेती रही धीमी
इस बार मानसून की धीमी रफ्तार का सीधा असर बिहार में धान की खेती पर देखने को मिला। पर्याप्त बारिश नहीं होने की वजह से खरीफ सीजन की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं हो सकी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6 जुलाई तक राज्य में करीब 4 प्रतिशत क्षेत्र में ही धान की रोपाई पूरी हो पाई थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई।
विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार ने भरोसा दिलाया कि बारिश की स्थिति और खेती की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि किसानों को किसी तरह की अतिरिक्त सहायता की जरूरत पड़ती है, तो राज्य सरकार समय पर जरूरी कदम उठाएगी, ताकि खेती पर सूखे का असर कम से कम हो।
रिपोर्ट आते ही शुरू होगी डीजल अनुदान की प्रक्रिया
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों में बारिश की कमी से खेती पर असर पड़ा है, वहां किसानों को राहत देने के लिए डीजल अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फसलों की स्थिति और वर्षा की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
सरकार का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद पात्र किसानों की पहचान कर अनुदान राशि जारी की जाएगी। इस सहायता का उद्देश्य किसानों को सिंचाई का खर्च कम करने में मदद देना है, ताकि धान समेत खरीफ की अन्य फसलों को पानी की कमी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
अनुदान की मुख्य बातें
- सब्सिडी राशि: 750 रुपये प्रति एकड़ प्रति सिंचाई (75 रुपये प्रति लीटर डीजल की दर से)।
- अधिकतम सीमा: धान या मक्का की 3 सिंचाई के लिए प्रति एकड़ अधिकतम 2,250 रुपये और एक किसान को अधिकतम 8 एकड़ तक कुल 18,000 रुपये तक का लाभ मिल सकता है।
- पात्रता: रयत (स्वयं की जमीन वाले) और गैर-रयत (बटाईदार या दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले) दोनों श्रेणी के किसान इसके पात्र हैं।
- आवेदन प्रक्रिया: किसान भाई बिहार कृषि विभाग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। रयत किसानों को आवेदन के समय भूमि की लगान रसीद अपलोड करनी होगी।
सिंचाई के लिए रोज 12 घंटे बिजली देने की तैयारी
खेती के मौसम में किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने बिजली आपूर्ति को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। कृषि फीडरों के जरिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
बिहार सरकार का मानना है कि नियमित बिजली मिलने से किसान समय पर खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। खासकर जिन क्षेत्रों में बारिश कम हुई है, वहां यह व्यवस्था फसलों को सूखे के असर से बचाने और खरीफ सीजन की खेती को संभालने में मददगार साबित हो सकती है।
सदन में गूंजा सूखे का मुद्दा, विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राज्य में बारिश की कमी और खेती पर पड़ रहे असर का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। विपक्षी दलों ने सरकार से मौजूदा हालात पर स्पष्ट जानकारी देने और किसानों के लिए तत्काल राहत उपाय घोषित करने की मांग की।
राजद (RJD) के विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि राज्य के कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन चुके हैं। उनका कहना था कि ऐसे समय में सरकार को स्थिति का आकलन कर जल्द से जल्द किसानों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि खेती और किसानों दोनों को राहत मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल Bihar Diesel Subsidy 2026
बिहार में डीजल अनुदान किसे मिलेगा?
डीजल अनुदान उन किसानों को मिलेगा, जिनके क्षेत्र में कम बारिश की वजह से खेती प्रभावित हुई है। पात्र किसानों की पहचान जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
डीजल अनुदान देने का फैसला कब लागू होगा?
जिलों से वर्षा और फसलों की स्थिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार अनुदान वितरण की प्रक्रिया शुरू करेगी।
किसानों को डीजल अनुदान का लाभ किस काम के लिए मिलेगा?
यह सहायता मुख्य रूप से सिंचाई का खर्च कम करने के लिए दी जाएगी, ताकि किसान धान और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी दे सकें।
क्या सभी किसानों को डीजल अनुदान मिलेगा?
नहीं। केवल उन्हीं किसानों को इसका लाभ मिलेगा, जिनके इलाके को सरकार सूखा या कम वर्षा से प्रभावित मानकर पात्र घोषित करेगी।
सिंचाई के लिए सरकार ने बिजली को लेकर क्या व्यवस्था की है?
राज्य सरकार ने कृषि फीडरों के माध्यम से किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यानी प्रतिदिन 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस साल धान की रोपाई पर कितना असर पड़ा है?
कम बारिश के कारण खरीफ सीजन की शुरुआत धीमी रही। सरकारी जानकारी के मुताबिक, 6 जुलाई तक राज्य में करीब 4 प्रतिशत क्षेत्र में ही धान की रोपाई हो पाई थी।
सरकार किसानों की स्थिति का आकलन कैसे करेगी?
हर जिले के जिलाधिकारी से वर्षा, फसल की स्थिति और खेती पर पड़े असर की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
विधानसभा में सूखे का मुद्दा किसने उठाया था?
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने राज्य में सूखे जैसे हालात पर चर्चा की मांग की थी। राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने किसानों के लिए तत्काल राहत देने की जरूरत पर जोर दिया था।
सूखे से परेशान बिहार के किसानों के लिए राहत, डीजल पर अनुदान देने का मुख्यमंत्री का ऐलान
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