राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी खबर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू, अब 25 फसलों को मिलेगा सुरक्षा कवच

5/5 - (3 votes)

Table of Contents

Fasal Bima Yojana Rajasthan 2026: अगर आप राजस्थान में खेती करते हैं और मौसम की मार, ओलावृष्टि या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से परेशान रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को खरीफ 2026 और रबी 2026-27 सीजन के लिए लागू कर दिया है। इस बार योजना 41 जिलों में लागू होगी और कुल 25 प्रमुख फसलों को बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। कृषि से जुड़ी ऐसी ही नई जानकारी के लिए किसान भाइयों Bihar Agro को विजिट करें।

PM Fasal Bima Yojana Rajasthan 2026, Rajasthan Crop Insurance 2026, खरीफ फसल बीमा 2026, रबी फसल बीमा 2026, फसल बीमा अंतिम तिथि 2026, YES-TECH, PMFBY Rajasthan, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, Fasal Bima Yojana Rajasthan 2026,

Fasal Bima Yojana Rajasthan 2026: अब प्राकृतिक आपदा का डर कम, फसल होगी बीमित

खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर होती है। कभी सूखा तो कभी तेज बारिश किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती है। इसी जोखिम को कम करने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू किया है, ताकि नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिल सके।

योजना का संचालन भारत सरकार की परिचालन गाइडलाइन-2023 के अनुसार किया जाएगा और पूरे राज्य को इसके दायरे में शामिल किया गया है।

खरीफ और रबी दोनों सीजन की इन फसलों को मिलेगा बीमा

इस बार खरीफ और रबी दोनों मौसमों की प्रमुख फसलों को योजना में शामिल किया गया है।

  • खरीफ 2026 में शामिल फसलें: बाजरा, ज्वार, मक्का, धान, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, चंवला, अरहर, तिल, सोयाबीन, कपास और मूंगफली जैसी कुल 14 फसलों पर बीमा सुविधा उपलब्ध रहेगी।
  • रबी 2026-27 में शामिल फसलें: गेहूं, जौ, चना, सरसों, तारामीरा, जीरा, धनिया, ईसबगोल, मेथी, रबी मक्का और मसूर समेत 11 फसलों को बीमा योजना में शामिल किया गया है।

इन सभी फसलों के लिए संबंधित तहसील और पटवार मंडल को बीमा इकाई माना गया है।

कौन करा सकता है बीमा? जानिए पात्रता

योजना का लाभ ऋणी, गैर-ऋणी और पात्र बंटाईदार किसान उठा सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि अब यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है। यदि कोई ऋणी किसान योजना में शामिल नहीं होना चाहता है तो उसे निर्धारित तिथि से पहले बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था में लिखित घोषणा देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर उसका नाम स्वतः योजना में शामिल माना जाएगा।

बीमा कराने की आखिरी तारीख न भूलें

गैर-ऋणी किसानों के लिए खरीफ सीजन में बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

रबी मौसम के लिए आवेदन 31 दिसंबर 2026 तक किया जा सकेगा। किसान नजदीकी बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

किसानों को कितना प्रीमियम देना होगा?

सरकार ने किसानों पर आर्थिक बोझ कम रखने के लिए प्रीमियम दरें काफी कम रखी हैं।

  • खरीफ फसलों पर अधिकतम 2 प्रतिशत
  • रबी फसलों पर अधिकतम 1.5 प्रतिशत
  • वार्षिक वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों पर 5 प्रतिशत

बाकी प्रीमियम का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी।

किन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा क्लेम?

योजना केवल सूखा या बाढ़ तक सीमित नहीं है। कई तरह की प्राकृतिक और जैविक आपदाओं को इसमें शामिल किया गया है।

बीमा सुरक्षा इन परिस्थितियों में मिलेगी—

  • सूखा और लंबी शुष्क अवधि
  • बाढ़ और जलभराव
  • ओलावृष्टि
  • चक्रवात और तेज तूफान
  • भूस्खलन
  • बिजली गिरने से लगी आग
  • कीट एवं रोग का प्रकोप
  • प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई प्रभावित होना
PM Fasal Bima Yojana Rajasthan 2026, Rajasthan Crop Insurance 2026, खरीफ फसल बीमा 2026, रबी फसल बीमा 2026, फसल बीमा अंतिम तिथि 2026, YES-TECH, PMFBY Rajasthan, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, Fasal Bima Yojana Rajasthan 2026,

यदि बुवाई ही नहीं हो पाई तो भी मिलेगा मुआवजा

अगर किसी अधिसूचित क्षेत्र में कम बारिश या खराब मौसम के कारण 75 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र में बुवाई नहीं हो पाती है, तो पात्र किसानों को बीमित राशि का 25 प्रतिशत तक मुआवजा दिया जा सकता है।

यह प्रावधान उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है जिनकी खेती शुरुआत में ही प्रभावित हो जाती है।

कटाई के बाद भी 14 दिन तक मिलेगी सुरक्षा

फसल कटने के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई उपज को भी योजना में सुरक्षा दी गई है।

यदि कटाई के बाद 14 दिनों के भीतर बेमौसम बारिश, चक्रवात या ओलावृष्टि से नुकसान होता है तो किसान व्यक्तिगत आधार पर दावा कर सकते हैं।

अब तकनीक तय करेगी फसल की वास्तविक उपज

राजस्थान में गेहूं और सोयाबीन की उपज का आकलन अब आधुनिक तकनीक की मदद से किया जाएगा।

YES-TECH प्रणाली के तहत 5,000 हेक्टेयर से अधिक बुवाई वाले जिलों में उपज निर्धारण के लिए 50 प्रतिशत महत्व फसल कटाई प्रयोगों को और 50 प्रतिशत तकनीकी आंकड़ों को दिया जाएगा। इससे बीमा दावों में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

गारंटी उपज कैसे तय होगी?

सरकार ने बीमा इकाई की गारंटी उपज तय करने के लिए वर्ष 2018-19 से 2024-25 तक के सात वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन किया है।

इन सात वर्षों में से सबसे बेहतर पांच वर्षों की औसत उपज निकाली जाएगी और निर्धारित जोखिम स्तर लागू करने के बाद गारंटी उपज तय होगी। यही आधार पूरे अनुबंध अवधि में लागू रहेगा।

क्लेम तय करने के लिए होंगे ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग

फसल नुकसान का आकलन अब CCE Agri App के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा।

पटवार मंडल स्तर पर प्रत्येक अधिसूचित फसल के लिए चार और तहसील स्तर पर कम से कम 16 फसल कटाई प्रयोग किए जाएंगे। यदि वास्तविक उपज गारंटी उपज से कम पाई जाती है, तो उसी अनुपात में किसानों को बीमा दावा मिलेगा।

41 जिलों को 8 क्लस्टर में बांटा गया

योजना के बेहतर संचालन के लिए पूरे राज्य को आठ क्लस्टरों में विभाजित किया गया है।

इन क्लस्टरों में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

क्लेम का पैसा कब मिलेगा?

व्यापक फसल नुकसान की स्थिति में सरकार से प्रीमियम अनुदान प्राप्त होने के बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में अधिकतम तीन सप्ताह के भीतर डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जाएगी।

यदि मामला कटाई के बाद हुए नुकसान का है, तो संयुक्त समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर भुगतान किया जाएगा।

PM Fasal Bima Yojana Rajasthan 2026, Rajasthan Crop Insurance 2026, खरीफ फसल बीमा 2026, रबी फसल बीमा 2026, फसल बीमा अंतिम तिथि 2026, YES-TECH, PMFBY Rajasthan, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, Fasal Bima Yojana Rajasthan 2026,

फसल खराब होते ही ये काम जरूर करें, नहीं तो अटक सकता है क्लेम

अगर कटाई के बाद आपकी फसल को नुकसान होता है, तो घटना के 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य है।

किसान यह सूचना कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447, Crop Insurance App, बैंक या कृषि विभाग के माध्यम से दे सकते हैं।

बीमा आवेदन करते समय भूमि का विवरण, बैंक खाता, एग्रीस्टैक आईडी और अन्य दस्तावेज सही दर्ज करना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि क्लेम की राशि सीधे डीबीटी के जरिए खाते में भेजी जाएगी।

एक नजर में महत्वपूर्ण तारीखें

खरीफ 2026
  • ऋणी किसानों के लिए योजना से बाहर होने की अंतिम तिथि – 24 जुलाई 2026
  • गैर-ऋणी किसानों के लिए बीमा आवेदन की अंतिम तिथि – 31 जुलाई 2026
रबी 2026-27
  • ऋणी किसानों के लिए योजना से बाहर होने की अंतिम तिथि – 24 दिसंबर 2026
  • गैर-ऋणी किसानों के लिए बीमा आवेदन की अंतिम तिथि – 31 दिसंबर 2026

FAQ: फसल बीमा योजना राजस्थान 2026 से जुड़े सवाल

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026 राजस्थान में कब तक लागू रहेगी?

राजस्थान में यह योजना खरीफ 2026 और रबी 2026-27 दोनों फसल मौसमों के लिए लागू की गई है।

खरीफ 2026 के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि क्या है?

गैर-ऋणी किसान 31 जुलाई 2026 तक बैंक, CSC या राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

रबी 2026-27 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

रबी सीजन के लिए गैर-ऋणी किसान 31 दिसंबर 2026 तक फसल बीमा करा सकते हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कितनी फसलें शामिल हैं?

राजस्थान में खरीफ की 14 और रबी की 11 यानी कुल 25 फसलों को योजना में शामिल किया गया है।

किसानों को कितना प्रीमियम देना होगा?

खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% तथा वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देना होगा। शेष राशि सरकार वहन करेगी।

फसल खराब होने पर सूचना कितने समय में देनी होगी?

कटाई के बाद फसल नुकसान होने पर किसान को 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन 14447, Crop Insurance App, बैंक या कृषि विभाग को सूचना देनी होगी।

क्लेम का पैसा कब मिलेगा?

व्यापक फसल क्षति के मामलों में पात्र किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अधिकतम तीन सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाएगा। कटाई उपरांत नुकसान के मामलों में निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर भुगतान किया जाएगा।

YES-TECH तकनीक क्या है?

YES-TECH एक तकनीक आधारित उपज आकलन प्रणाली है, जिसमें फसल कटाई प्रयोग और तकनीकी डेटा को मिलाकर उपज का निर्धारण किया जाता है।

गेहूं की बुवाई में देर न करें! बुंदेलखंड के किसानों के लिए 6 उन्नत किस्मों और बेहतर पैदावार का पूरा प्लान Improved Wheat Varieties, गेहूं की उन्नत किस्में, गेहूं की खेती, गेहूं की बुवाई, गेहूं की नई किस्में, Wheat Farming, Wheat Sowing Time, बुंदेलखंड कृषि, गेहूं में खाद प्रबंधन, रबी फसल 2026, Wheat Seed Rate, गेहूं उत्पादन बढ़ाने के तरीके,

गेहूं की बुवाई में देर न करें! बुंदेलखंड के किसानों के लिए 6 उन्नत किस्मों और बेहतर पैदावार का पूरा प्लान

गेहूं की उन्नत किस्में: बुंदेलखंड के किसानों के लिए ये 6 विकल्प क्यों हैं चर्चा में?गेहूं की बुवाई में देरी…

पौधों पर रूई जैसी सफेदी दिखे तो हो जाएं सावधान! मिलीबग से बचाने के 7 असरदार तरीके Mealybug, मिलीबग, मिलीबग का इलाज, दहिया कीट, चिकटा कीट, पौधों के कीट, मिलीबग नियंत्रण, नीम तेल से कीट नियंत्रण, जैविक कीटनाशक, पौधों की बीमारी, कृषि सलाह,

पौधों पर रूई जैसी सफेदी दिखे तो हो जाएं सावधान! मिलीबग से बचाने के 7 असरदार तरीके

आखिर क्या है Mealybug (मिलीबग)? गांवों में इसे दहिया या चिकटा क्यों कहते हैं?सफेद कीड़े के पीछे चींटियों की फौज…

मध्य प्रदेश के किसानों की बल्ले-बल्ले! Fasal Bima के ₹317.86 करोड़ जारी, ऐसे चेक करें अपना स्टेटस MP Fasal Bima Yojana, Fasal Bima Status Check, PM Fasal Bima, Crop Insurance Status, Fasal Bima Payment, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, फसल बीमा का पैसा, फसल बीमा हेल्पलाइन 14447, Fasal Bima, MP Fasal Bima Yojana, PMFBY, Fasal Bima Status, Crop Insurance, Mohan Yadav, Madhya Pradesh Farmers, Fasal Bima Payment, 14447 Helpline, कृषि समाचार, किसान योजना,

मध्य प्रदेश के किसानों की बल्ले-बल्ले! Fasal Bima के ₹317.86 करोड़ जारी, ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

Fasal Bima की बड़ी खबर: 16.70 लाख किसान आवेदनों के लिए जारी हुई राशिFasal Bima Status Check: घर बैठे कैसे…

PM किसान की 24वीं किस्त से पहले Alert! दीपावली से पहले किसानों को सौगात, 30 अक्टूबर को ₹2,000 पाने के लिए तुरंत स्टेटस चेक करें PM Kisan Yojana 24th Installment, PM Kisan 24th Kist, पीएम किसान योजना, पीएम किसान 2000 रुपये, PM Kisan eKYC, PM Kisan Status Check, PM Kisan Beneficiary Status, PM Kisan Payment Status, किसान सम्मान निधि, PM Kisan 2026,

PM किसान की 24वीं किस्त से पहले Alert! दीपावली से पहले किसानों को सौगात, 30 अक्टूबर को ₹2,000 पाने के लिए तुरंत स्टेटस चेक करें

30 अक्टूबर को आएगी पीएम किसान की 24वीं किस्त? ₹2,000 पाने से पहले किसान जरूर कर लें ये कामPM Kisan…

खेत में उगाएं पौष्टिक हरा चारा! जानें Taiwan Makka Joint King Grass की खेती से जुड़ी जरूरी बातें Taiwan Makka Joint King Grass, ताइवान मक्का जॉइंट किंग ग्रास, हरा चारा, पशु चारा खेती, डेयरी फार्मिंग, मक्का की खेती, किंग ग्रास, हरा चारा उत्पादन, पशुपालन, चारा प्रबंधन

खेत में उगाएं पौष्टिक हरा चारा! जानें Taiwan Makka Joint King Grass की खेती से जुड़ी जरूरी बातें

Taiwan Makka Joint King Grass: पशुओं के हरे चारे से डेयरी फार्मिंग को बनाएं ज्यादा बेहतरTaiwan Makka Joint King Grass…

प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए खुशखबरी! 2 साल तक मिल सकते हैं ₹8,000, जानें पूरी योजना प्राकृतिक खेती, Organic Farming, National Mission on Natural Farming, प्राकृतिक खेती योजना, किसान योजना, ₹4000 प्रति एकड़, सरकारी कृषि योजना, मिट्टी की सेहत, टिकाऊ खेती, बिहार कृषि समाचार, National Mission on Natural Farming, NMNF, प्राकृतिक खेती योजना, प्राकृतिक खेती में सरकारी सहायता, ₹4000 प्रति एकड़ सहायता, Natural Farming Scheme, प्राकृतिक खेती के फायदे, जैविक खेती, किसान सरकारी योजना,

प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए खुशखबरी! 2 साल तक मिल सकते हैं ₹8,000, जानें पूरी योजना

Organic Farming (प्राकृतिक खेती) को बढ़ावा: 2 साल की सहायता से क्या बदलेगा?किसानों को कितनी आर्थिक सहायता मिल सकती है?…

Leave a comment