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बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के कई छोटे शहरों में नालों के दूषित पानी से की जा रही सब्जियों की खेती (Bihar Polluted Drain Water Vegetables) बिहार में नाले के प्रदूषित पानी से उगाई जा रही सब्जियों पर सरकार ने चिंता जताई है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में खाद्य सुरक्षा, वैज्ञानिक जांच, मृदा परीक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात कही।पर गंभीर चिंता जताई है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का कहना है कि ऐसे पानी में उगाई गई सब्जियां लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं और कई तरह की बीमारियों को बढ़ावा दे रही हैं। इसी मुद्दे को उन्होंने विधानसभा में उठाते हुए कहा कि इस समस्या पर जल्द और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि लोगों तक सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक सब्जियां पहुंच सकें।

PATNA: बिहार सरकार ने शहरों और कस्बों में नालों के गंदे पानी से की जा रही सब्जियों की खेती को गंभीर चिंता का विषय माना है। सरकार का मानना है कि ऐसी सब्जियों के लगातार सेवन से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कृषि से जुड़ी ऐसी ही नई जानकारी के लिए किसान भाइयों Bihar Agro को विजिट करें।
बुधवार को विधानसभा में इस मुद्दे पर बोलते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि उपज की गुणवत्ता जांचने के लिए राज्य में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक जैविक खेती अपनाने की अपील की। साथ ही विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और सांसदों से भी आग्रह किया कि वे अपनी कम से कम एक-तिहाई जमीन पर जैविक खेती शुरू करें, ताकि समाज में सुरक्षित और रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा मिल सके।
विधानसभा में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उठाया गंभीर मुद्दा
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर उस समय चर्चा हुई, जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक और पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। सरकार की ओर से जवाब देते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने माना कि राज्य के कई शहरों और आसपास के इलाकों में नालों के दूषित पानी का इस्तेमाल कर सब्जियों की खेती की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह मामला लोगों की सेहत से जुड़ा है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। कृषि मंत्री ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए उनका विभाग पहले ही 12 संबंधित विभागों को पत्र भेज चुका है, ताकि सभी विभाग मिलकर समन्वित तरीके से जरूरी कदम उठा सकें और इस पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।

राजद विधायक ने सदन में उठाए खेती में रसायनों के इस्तेमाल के मुद्दे
विधानसभा में चर्चा के दौरान राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने नालों के दूषित पानी और प्रतिबंधित रसायनों के सहारे की जा रही खेती पर सख्त चिंता जताई। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कुमार सर्वजीत ने कहा कि राज्य में बड़ी मात्रा में उगाई जाने वाली सब्जियों में रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल चिंता का विषय बन चुका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर कद्दू का आकार तेजी से बढ़ाने के लिए उसमें रसायन का इंजेक्शन लगाया जाता है। विधायक के अनुसार, असुरक्षित खेती के ऐसे तरीके लोगों की सेहत पर असर डाल रहे हैं और अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या भी इसी ओर इशारा करती है।
सरकार ने दिए कार्रवाई के संकेत, जांच भी होगी
चर्चा के जवाब में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोगों तक सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाली कृषि उपज पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि नालों के दूषित पानी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों और अन्य संबंधित संस्थानों की मदद से मिट्टी और सब्जियों के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
किसानों से जैविक खेती अपनाने की अपील, स्कूलों में बनेंगी मृदा जांच लैब
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करते हुए जैविक अनाज, सब्जियां और फलों का उत्पादन बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि खेती के तरीकों में समय रहते बदलाव नहीं किया गया, तो लोगों को खेती से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा इलाज पर खर्च करना पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि रासायनिक उर्वरकों, खासकर यूरिया और डीएपी पर सरकार हर साल भारी सब्सिडी खर्च करती है। किसानों को सही मात्रा में खाद के उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य के स्कूलों में 550 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजना बनाई गई है। मंत्री के अनुसार, इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्र अपने परिवारों और आसपास के किसानों को मिट्टी की जांच कराने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरक और कीटनाशकों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर सकेंगे।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का बयान- सुरक्षित खेती के लिए पूरे समाज को साथ आना होगा
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच के लिए नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और अन्य हानिकारक पदार्थों के बेहताशा इस्तेमाल पर सिर्फ सरकार के प्रयासों से पूरी तरह रोक नहीं लग सकती। इसके लिए किसानों के साथ-साथ आम लोगों और समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर चलाए जा रहे ‘खेत बचाओ अभियान’ का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की जांच कराने, फसल के अनुसार सही उर्वरक चुनने और रसायनों का संतुलित उपयोग करने के लिए जागरूक करना है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने भी सभी नागरिकों से इस अभियान में सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षित खेती और स्वस्थ समाज के लिए सामूहिक प्रयास ही सबसे प्रभावी रास्ता है।:::
FAQs: बिहार में प्रदूषित नाले के पानी से सब्जियों की खेती (Bihar Polluted Drain Water Vegetables Farming)
बिहार सरकार ने प्रदूषित नाले के पानी से उगाई जा रही सब्जियों पर चिंता क्यों जताई है?
सरकार का मानना है कि दूषित नाले के पानी से उगाई गई सब्जियां लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती हैं। इससे कई तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में क्या कहा?
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के कई शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में नालों के दूषित पानी से सब्जियों की खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार इस समस्या को रोकने के लिए क्या कदम उठाएगी?
सरकार कृषि उत्पादों की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित करने, मिट्टी और सब्जियों के नमूनों की जांच कराने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
क्या किसानों को जैविक खेती अपनाने की सलाह दी गई है?
हां। कृषि मंत्री ने किसानों के साथ-साथ विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और सांसदों से भी अपनी कम से कम एक-तिहाई भूमि पर जैविक खेती शुरू करने की अपील की है।
प्रदूषित पानी से उगाई गई सब्जियां खाने से क्या नुकसान हो सकता है?
ऐसी सब्जियों में हानिकारक तत्व या रोग पैदा करने वाले सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। लंबे समय तक इनके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
क्या सब्जियों की गुणवत्ता की जांच होगी?
जी हां। सरकार ने कहा है कि कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों की मदद से मिट्टी और सब्जियों के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।
विधानसभा में यह मुद्दा किसने उठाया था?
विधानसभा के मानसून सत्र में राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से प्रदूषित पानी और प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया था।
आम लोगों को सब्जियां खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
ताजी और भरोसेमंद स्रोत से सब्जियां खरीदें, उन्हें अच्छी तरह धोकर उपयोग करें और जहां संभव हो, प्रमाणित या सुरक्षित तरीके से उगाई गई सब्जियों को प्राथमिकता दें।
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