Table of Contents
Maharashtra RKVY Second Installment: कृषि क्षेत्र में बेहतर योजना प्रबंधन का एक नया उदाहरण महाराष्ट्र ने पेश किया है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत फंड के प्रभावी उपयोग के कारण राज्य अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसे योजना की दूसरी किस्त जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र सरकार की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया। कृषि से जुड़ी ऐसी ही नई जानकारी के लिए किसान भाइयों Bihar Agro को विजिट करें।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY)
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (अब प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे वर्ष 2007 में शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों का समग्र विकास करना, किसानों की आय बढ़ाना, और कृषि क्षेत्र में तेज गति से विकास सुनिश्चित करना है। आप विस्तृत दिशा-निर्देश राष्ट्रीय कृषि विकास योजना पोर्टल पर देख सकते हैं।
मुख्य उद्देश्य और विशेषताएं
- कृषि विकास: कृषि और सहायक क्षेत्रों में सालाना 4% की वृद्धि हासिल करना।
- बुनियादी ढांचा: फसल कटाई से पहले और बाद के जरूरी ढांचे (जैसे भंडारण और बाजार सुविधाएं) का निर्माण करना।
- राज्यों को छूट: राज्यों को अपनी स्थानीय जलवायु और जरूरत के मुताबिक खुद योजनाएं बनाने की पूरी छूट देना।
- वित्तीय मदद: केंद्र और राज्यों के बीच खर्च का अनुपात आमतौर पर 60:40 का होता है।
Maharashtra RKVY Second Installment: वर्चुअल समीक्षा बैठक में हुई फंड उपयोग की विस्तृत समीक्षा
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति जानने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र सरकार के साथ एक उच्चस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। बैठक में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान योजना के तहत जारी धनराशि के उपयोग और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
75 प्रतिशत से अधिक खर्च, इसलिए मिली दूसरी किस्त की मंजूरी
बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार ने RKVY के तहत महाराष्ट्र को पहली किस्त के रूप में 335 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए थे। राज्य सरकार ने इसमें से करीब 260 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, जो तय 75 प्रतिशत उपयोग सीमा से अधिक है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र दूसरी किस्त पाने की पात्रता हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। अब केंद्र सरकार दूसरी किस्त जारी करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।

शिवराज सिंह चौहान बोले- समय पर खर्च के साथ निगरानी भी जरूरी
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि केवल बजट खर्च करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं की नियमित निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि यदि परियोजनाओं की लगातार समीक्षा होती रहे तो सरकारी धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है और किसानों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचता है।
किसान पहचान पत्र और राहत वितरण की भी हुई जमकर तारीफ
बैठक में महाराष्ट्र की किसान हितैषी पहलों की भी चर्चा हुई। शिवराज सिंह चौहान ने किसान पहचान पत्र बनाने की दिशा में राज्य के प्रदर्शन की सराहना की। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत राशि तेजी से उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी उल्लेखनीय बताया। राज्य सरकार ने लगभग 14,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि केवल पांच दिनों के भीतर डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी, जिसे प्रभावी प्रशासन का उदाहरण माना गया।
बागवानी, बीज और डिजिटल कृषि में रफ्तार बढ़ाने की सलाह
समीक्षा के दौरान विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के कार्यों पर संतोष जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार को डिजिटल कृषि, कृषि विस्तार सेवाओं, राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM), बीज वितरण, तिलहन उत्पादन और कृषि वानिकी से जुड़े कार्यक्रमों में खर्च और कार्यान्वयन की गति बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से लंबित बीज भुगतान जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया ताकि फंड उपयोग के आंकड़े और बेहतर हो सकें।

फसल बीमा आवेदन में सही जानकारी देना जरूरी
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की समीक्षा भी हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फसल बीमा के लिए आवेदन करते समय किसानों को पूरी और सही जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक और गैर-KCC दोनों तरह के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं। हालांकि आवेदन के दौरान किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने से बचना चाहिए, क्योंकि पोर्टल पर मांगी जाने वाली घोषणा का उद्देश्य केवल पारदर्शिता बनाए रखना और सही रिकॉर्ड तैयार करना है।
महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों को मिलेगी नई सीख
बैठक के अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र आने वाले समय में भी कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि राज्य RKVY के शेष घटकों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करेगा और अन्य राज्यों के लिए एक सफल मॉडल बनकर उभरेगा। किसानों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने और फंड के बेहतर उपयोग के मामले में महाराष्ट्र का यह प्रदर्शन पूरे देश के लिए एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।
FAQ: Maharashtra RKVY Second Installment 2026 से जुड़े सवाल
महाराष्ट्र को RKVY की दूसरी किस्त क्यों मिली?
महाराष्ट्र ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत जारी पहली किस्त का 75% से अधिक उपयोग कर लिया था। इसी प्रदर्शन के आधार पर राज्य दूसरी किस्त पाने वाला देश का पहला राज्य बना।
RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) क्या है?
RKVY यानी राष्ट्रीय कृषि विकास योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसके तहत राज्यों को कृषि, बागवानी, सिंचाई, बीज, कृषि मशीनरी और किसानों की आय बढ़ाने वाली परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
महाराष्ट्र को पहली किस्त में कितनी राशि मिली थी?
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को पहली किस्त के रूप में 335 करोड़ रुपये जारी किए थे, जिनमें से राज्य ने लगभग 260 करोड़ रुपये का उपयोग कर लिया।
दूसरी किस्त पाने वाला देश का पहला राज्य कौन बना?
महाराष्ट्र राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत दूसरी किस्त प्राप्त करने की पात्रता हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
RKVY की दूसरी किस्त मिलने के लिए क्या शर्त होती है?
राज्य सरकार को पहली किस्त का कम से कम 75 प्रतिशत उपयोग करना होता है। इसके बाद केंद्र सरकार दूसरी किस्त जारी करने पर विचार करती है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र की किस बात की सराहना की?
उन्होंने RKVY फंड के प्रभावी उपयोग, किसान पहचान पत्र अभियान और बाढ़ प्रभावित किसानों को समय पर DBT के जरिए राहत राशि देने की प्रशंसा की।
महाराष्ट्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को कितनी राहत राशि दी?
राज्य सरकार ने लगभग 14,000 करोड़ रुपये की राहत राशि सिर्फ पांच दिनों के भीतर किसानों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजी।
RKVY के तहत किन कृषि क्षेत्रों में निवेश किया जाता है?
इस योजना के तहत बागवानी, बीज उत्पादन, कृषि वानिकी, डिजिटल कृषि, सिंचाई, कृषि विस्तार सेवाएं, तिलहन उत्पादन और आधुनिक कृषि तकनीकों पर निवेश किया जाता है।
क्या RKVY का लाभ सीधे किसानों को मिलता है?
RKVY के तहत धनराशि राज्य सरकारों को दी जाती है। राज्य सरकार विभिन्न कृषि परियोजनाओं और योजनाओं के माध्यम से किसानों को इसका लाभ पहुंचाती है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को लेकर बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में किसानों को फसल बीमा आवेदन के दौरान सही जानकारी देने की सलाह दी गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि KCC और गैर-KCC दोनों श्रेणी के किसान PMFBY का लाभ ले सकते हैं।
RKVY की दूसरी किस्त मिलने से किसानों को क्या फायदा होगा?
दूसरी किस्त मिलने से कृषि परियोजनाओं को तेजी मिलेगी, आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा, बागवानी और बीज योजनाओं का विस्तार होगा तथा किसानों तक सरकारी सुविधाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी।
क्या अन्य राज्यों को भी RKVY की दूसरी किस्त मिल सकती है?
हाँ। जो राज्य पहली किस्त का निर्धारित मानकों के अनुसार उपयोग करेंगे और परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक रहेगी, वे भी दूसरी किस्त प्राप्त करने के पात्र बन सकते हैं।
गेहूं की बुवाई में देर न करें! बुंदेलखंड के किसानों के लिए 6 उन्नत किस्मों और बेहतर पैदावार का पूरा प्लान
गेहूं की उन्नत किस्में: बुंदेलखंड के किसानों के लिए ये 6 विकल्प क्यों हैं चर्चा में?गेहूं की बुवाई में देरी…
पौधों पर रूई जैसी सफेदी दिखे तो हो जाएं सावधान! मिलीबग से बचाने के 7 असरदार तरीके
आखिर क्या है Mealybug (मिलीबग)? गांवों में इसे दहिया या चिकटा क्यों कहते हैं?सफेद कीड़े के पीछे चींटियों की फौज…
मध्य प्रदेश के किसानों की बल्ले-बल्ले! Fasal Bima के ₹317.86 करोड़ जारी, ऐसे चेक करें अपना स्टेटस
Fasal Bima की बड़ी खबर: 16.70 लाख किसान आवेदनों के लिए जारी हुई राशिFasal Bima Status Check: घर बैठे कैसे…
PM किसान की 24वीं किस्त से पहले Alert! दीपावली से पहले किसानों को सौगात, 30 अक्टूबर को ₹2,000 पाने के लिए तुरंत स्टेटस चेक करें
30 अक्टूबर को आएगी पीएम किसान की 24वीं किस्त? ₹2,000 पाने से पहले किसान जरूर कर लें ये कामPM Kisan…
खेत में उगाएं पौष्टिक हरा चारा! जानें Taiwan Makka Joint King Grass की खेती से जुड़ी जरूरी बातें
Taiwan Makka Joint King Grass: पशुओं के हरे चारे से डेयरी फार्मिंग को बनाएं ज्यादा बेहतरTaiwan Makka Joint King Grass…
प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए खुशखबरी! 2 साल तक मिल सकते हैं ₹8,000, जानें पूरी योजना
Organic Farming (प्राकृतिक खेती) को बढ़ावा: 2 साल की सहायता से क्या बदलेगा?किसानों को कितनी आर्थिक सहायता मिल सकती है?…