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Green Fodder For Animals: नेपियर घास (Napier Grass) को पशुपालकों के लिए हरे सोने जैसा माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान इसे एक बार खेत में लगा दें, तो करीब 5 साल तक बार-बार चारे की चिंता नहीं करनी पड़ती। हर 40 दिन में इसकी कटाई करके पशुओं को ताजा और पौष्टिक हरा चारा खिलाया जा सकता है।

नेपियर घास (Napier Grass) क्यों कहलाती है पशुओं का हरा सोना
डेयरी फार्मिंग (Dairy Farming) और पशुपालन में सबसे ज्यादा पैसा अगर कहीं खर्च होता है, तो वह पशुओं के चारे पर ही होता है। हर मौसम में नया चारा बोना, उसकी देखभाल करना और फिर बढ़ते खर्च को संभालना किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। लेकिन अब किसानों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। कृषि विशेषज्ञों ने ऐसा खास हरा चारा तैयार किया है, जिसे लोग पशुओं का “हरा सोना” तक कहने लगे हैं।
यहां बात हो रही है नेपियर घास (Napier Grass) की, जो पशुपालकों के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसे खेत में एक बार लगा देने के बाद करीब 5 साल तक दोबारा बुवाई करने की जरूरत नहीं पड़ती। किसान समय-समय पर इसकी कटाई करते रहें और अपने पशुओं को लगातार ताजा, हरा और पौष्टिक चारा खिलाते रहें। इससे मेहनत भी कम लगती है और चारे का खर्च भी काफी हद तक घट जाता है।
नेपियर घास से कैसे बढ़ता है दूध उत्पादन
नेपियर घास को पोषण से भरपूर चारा माना जाता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो पशुओं को स्वस्थ और ताकतवर बनाए रखने में मदद करते हैं। खासकर दुधारू गाय और भैंस के लिए यह चारा काफी फायदेमंद माना जाता है। इसे खिलाने से पशुओं का पाचन सही रहता है और उनकी रोगों से लड़ने की ताकत भी मजबूत होती है।
नेपियर घास खिलाने का सबसे बड़ा फायदा दूध उत्पादन में देखने को मिलता है। कई पशुपालकों का कहना है कि जो गाय और भैंस पहले कम दूध देती थीं, उनमें इस हरे चारे के बाद काफी बढ़ोतरी देखने को मिली। इतना ही नहीं, दूध की गुणवत्ता और फैट भी बेहतर हो जाता है। यही वजह है कि डेयरी किसानों की कमाई बढ़ाने में यह चारा काफी मददगार साबित हो रहा है।
नेपियर घास (Napier Grass) की खेती बीज से नहीं बल्कि इसकी कलम या स्टंप लगाकर की जाती है। अच्छी बात यह है कि इसे लगभग हर तरह की सामान्य मिट्टी में आसानी से उगाया जा सकता है। बस इतना ध्यान रखना जरूरी है कि खेत में पानी जमा न हो। इसकी बुवाई के लिए जून और जुलाई का समय सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि मानसून के मौसम में यह तेजी से बढ़ती है।
पशुपालकों के लिए फायदे का सौदा है नेपियर घास
नेपियर घास लगाने के करीब 50 से 60 दिनों बाद इसकी पहली कटाई की जा सकती है। इसके बाद किसान हर 40 से 45 दिन के अंतराल पर बार-बार इसकी कटाई कर सकते हैं। खास बात यह है कि सर्दियों के कुछ महीनों को छोड़ दें, तो यह चारा लगभग पूरे साल तेजी से बढ़ता रहता है और लगातार हरा चारा देता रहता है।
अच्छी और लगातार पैदावार पाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। हर बार चारा काटने के बाद खेत में हल्की सिंचाई जरूर करें और गोबर की खाद या जरूरी पोषक तत्व डालते रहें। साथ ही सूखी और पुरानी पत्तियों को समय-समय पर हटाना भी जरूरी है, ताकि नई कल्लियां तेजी से निकल सकें। सही देखभाल करने पर यह घास करीब 5 साल तक भरपूर हरा चारा देती रहती है।
निष्कर्ष
अगर पशुपालक कम खर्च में लंबे समय तक हरा और पौष्टिक चारा चाहते हैं, तो नेपियर घास एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। सही देखभाल और समय पर कटाई करने से यह घास सालों तक अच्छा उत्पादन देती है और दूध बढ़ाने के साथ किसानों की कमाई में भी मदद करती है। अगर आप खेती-किसानी की ऐसी ही बेहतरीन और आधुनिक जानकारी पाना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट Bihar Agro पर विजिट कर सकते हैं, जहाँ आपको हर फसल की पूरी जानकारी मिलेगी।
FAQ – नेपियर घास से जुड़े जरूरी सवाल
नेपियर घास क्या है?
नेपियर घास एक बहुवर्षीय हरा चारा है, जिसे पशुओं के लिए बेहद पौष्टिक माना जाता है। इसे एक बार लगाने के बाद कई सालों तक चारा लिया जा सकता है।
नेपियर घास कितने साल तक उत्पादन देती है?
सही देखभाल करने पर नेपियर घास लगभग 4 से 5 साल तक लगातार हरा चारा देती रहती है।
नेपियर घास की पहली कटाई कब होती है?
इसकी पहली कटाई बुवाई के लगभग 50 से 60 दिन बाद की जाती है। इसके बाद हर 40 से 45 दिन पर कटाई की जा सकती है।
क्या नेपियर घास से दूध उत्पादन बढ़ता है?
हां, यह घास पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है, जिससे दुधारू पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
नेपियर घास की खेती के लिए कौन सा मौसम सबसे अच्छा होता है?
जून और जुलाई यानी मानसून का मौसम इसकी बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
क्या नेपियर घास हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है?
इसे सामान्य मिट्टी में आसानी से उगाया जा सकता है, लेकिन खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए।
नेपियर घास की खेती में कौन-सी खाद उपयोगी रहती है?
अच्छी पैदावार के लिए गोबर की खाद और जरूरी पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है।
‘पशुपालकों के लिए किसी खजाने से कम नहीं ये हरा चारा’, एक बार खेती करें और करीब 5 साल तक लगातार लें फायदा — बस इन जरूरी बातों का रखें खास ध्यान
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