किसानों को राहत! समय पर खाद-बीज और MSP भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नए मापदंड लागू। अब खाद-बीज और MSP भुगतान में नहीं होगी देरी, सहकारिता विभाग ने बनाए नए नियम।

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राजस्थान में किसानों से जुड़ी सहकारी समितियों की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 11 नए मूल्यांकन मानक लागू किए हैं। अब समितियों के कामकाज पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी। इसके तहत किसानों को MSP का भुगतान, खाद-बीज की उपलब्धता, ड्रोन सेवाएं, कस्टम हायरिंग सेंटर और पीएम किसान समृद्धि केंद्र जैसी सुविधाओं की नियमित निगरानी होगी, ताकि किसानों को समय पर और बेहतर सेवाएं मिल सकें। कृषि से जुड़ी ऐसी ही नई जानकारी के लिए किसान भाइयों Bihar Agro को विजिट करें।

राजस्थान की सहकारी समितियों के काम करने का तरीका अब पहले जैसा नहीं रहेगा। किसानों को MSP पर फसल बेचने, खाद-बीज समय पर मिलने, कृषि मशीनें किराये पर उपलब्ध कराने, ड्रोन सेवाओं और दूसरी सरकारी सुविधाओं में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए सहकारिता विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है।

विभाग ने समितियों के प्रदर्शन को परखने के लिए 11 नए मानक तय किए हैं। इनकी समीक्षा 50 अंकों के आधार पर होगी और उसी के अनुसार समितियों की रैंकिंग तैयार की जाएगी। मकसद साफ है—जो समिति बेहतर और समय पर सेवाएं देगी, उसका प्रदर्शन भी उतना ही बेहतर माना जाएगा।

राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर सहकारी समिति किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना देरी पहुंचाए। उन्होंने कहा कि किसानों को सभी जरूरी सेवाएं रियल टाइम उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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50 अंकों की रैंकिंग ऐसे होगी तय, इन 11 मानकों पर परखी जाएंगी सहकारी समितियां (Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking)

Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking: सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने समीक्षा बैठक में कहा कि जब सहकारी समितियों के बीच बेहतर काम करने की होड़ बढ़ेगी, तभी किसानों को तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकेंगी। इसी उद्देश्य से समितियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कुल 50 अंकों के आधार पर किया जाएगा। आइए जानते हैं किस काम के लिए कितने अंक तय किए गए हैं।

1. MSP पर खरीद और समय पर भुगतान – 10 अंक

यदि समिति समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों की उपज की तय समय में तौल कराती है, विक्रय पर्ची जारी करती है और भुगतान बिना देरी सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंचता है, तो उसे पूरे 10 अंक दिए जाएंगे।

2. खाद-बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता – 15 अंक

बुवाई शुरू होने से पहले किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रमाणित उर्वरक, बीज और कीटनाशकों का स्टॉक रखना और उन्हें POS मशीन के माध्यम से पारदर्शी तरीके से वितरित करना सबसे अधिक महत्व वाला मानक होगा। इसके लिए 15 अंक निर्धारित किए गए हैं।

3. ऑडिट और नियमित बैठकें – 5 अंक

समिति का लेखा-जोखा पारदर्शी होना, समय पर ऑडिट कराना, संचालक मंडल की नियमित बैठकें आयोजित करना और रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना भी मूल्यांकन का हिस्सा होगा। इस श्रेणी के लिए 5 अंक तय किए गए हैं।

4. सेवाओं का विस्तार और रिकॉर्ड का निस्तारण – 10 अंक

जो समितियां अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाने, आय में सुधार करने और पुराने रिकॉर्ड व लंबित फाइलों का समयबद्ध निपटारा करेंगी, उन्हें इस श्रेणी में 10 अंक मिलेंगे।

5. पीएम किसान समृद्धि केंद्र के रूप में बेहतर काम – 5 अंक

यदि समिति प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हुए किसानों को कृषि सलाह, मिट्टी परीक्षण, आधुनिक खेती की जानकारी, उर्वरक, कृषि मशीनरी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराती है, तो उसे 5 अंक दिए जाएंगे।

6. कस्टम हायरिंग सेंटर की सुविधा – 5 अंक

जो समितियां कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित कर किसानों को ट्रैक्टर, सीड ड्रिल, रोटावेटर और अन्य महंगे कृषि उपकरण किराये पर सस्ती दरों में उपलब्ध कराएंगी, उन्हें इस श्रेणी में 5 अंक मिलेंगे।

इन सहकारी समितियों ने किया शानदार प्रदर्शन, पूरे राजस्थान में हासिल किया पहला स्थान

Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking: नई मूल्यांकन प्रणाली के तहत जिन सहकारी समितियों ने बेहतरीन काम किया, उन्हें राज्य स्तर पर सबसे ऊंची रैंक मिली। 50 में पूरे 50 अंक हासिल कर भीण्डर, चौमहला, देवली, टोडारायसिंह और उनियारा की क्रय-विक्रय सहकारी समितियां प्रदेश की टॉप परफॉर्मर समितियों में शामिल रहीं। इन समितियों ने किसानों को समय पर सेवाएं देने और विभागीय मानकों का बेहतर पालन कर अपनी अलग पहचान बनाई।

महत्वपूर्ण अपडेट: समीक्षा बैठक के दौरान शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सभी सहकारी समितियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालयों में कर्मचारियों की नियमित और समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही विभाग की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन करते हुए किसानों तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ बिना अनावश्यक देरी के पहुंचाया जाए, ताकि सेवा व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बन सके।

नई व्यवस्था से किसानों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking: सहकारी समितियों के लिए नई रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली लागू होने का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। इससे कई जरूरी सेवाएं पहले से ज्यादा तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

  • MSP पर फसल बिक्री की प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
  • फसल की तौल और भुगतान तय समय के भीतर होने से किसानों को पैसों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • बुवाई शुरू होने से पहले खाद, बीज और कीटनाशकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
  • ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और ड्रोन जैसी आधुनिक सुविधाएं किफायती किराये पर आसानी से मिल सकेंगी।
  • मिट्टी की जांच (Soil Testing) और आधुनिक खेती से जुड़ी तकनीकी सलाह एक ही जगह उपलब्ध होगी।
  • प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों की सेवाएं और प्रभावी होंगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा।
  • महंगे कृषि उपकरण खरीदने की मजबूरी कम होगी, क्योंकि जरूरत पड़ने पर उन्हें सहकारी समितियों से किराये पर लिया जा सकेगा।
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निष्कर्ष:

Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking: राजस्थान सरकार की ओर से लागू की गई यह नई मूल्यांकन प्रणाली सहकारी समितियों की कार्यशैली में सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। अब समितियों का प्रदर्शन तय मानकों के आधार पर परखा जाएगा, जिससे बेहतर काम करने वाली समितियों को बढ़ावा मिलेगा और लापरवाही की गुंजाइश कम होगी।

इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। MSP का भुगतान, खाद-बीज की समय पर उपलब्धता, कृषि यंत्र और ड्रोन सेवाएं, साथ ही प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र की सुविधाएं पहले से अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा, खेती से जुड़ी परेशानियां कम होंगी और आधुनिक कृषि सेवाओं तक उनकी पहुंच भी आसान बनेगी।

FAQs – Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking 2026

Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking 2026 क्या है?

यह राजस्थान सरकार की नई मूल्यांकन प्रणाली है, जिसके तहत क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के कामकाज का आकलन तय मानकों के आधार पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर, पारदर्शी और समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस पहल का मुख्य उद्देश्य सहकारी समितियों की जवाबदेही बढ़ाना, उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और किसानों तक सरकारी सेवाओं तथा योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।

राजस्थान में किन सहकारी समितियों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है?

नई रैंकिंग में भीण्डर, चौमहला, देवली, टोडारायसिंह और उनियारा की क्रय-विक्रय सहकारी समितियों ने 50 में 50 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।

प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र की भूमिका क्या होगी?

इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को मिट्टी परीक्षण, कृषि तकनीकी सलाह, उन्नत खेती की जानकारी, खाद-बीज और अन्य कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए भी मूल्यांकन में 5 अंक निर्धारित हैं।

कस्टम हायरिंग सेंटर का मूल्यांकन कैसे होगा?

जो सहकारी समितियां किसानों को ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और अन्य उपकरण किफायती किराये पर उपलब्ध कराएंगी, उन्हें इस श्रेणी में 5 अंक मिलेंगे।

MSP खरीद और भुगतान के लिए कितने अंक मिलेंगे?

यदि समिति तय समय में किसानों की उपज की तौल कर भुगतान सीधे बैंक खाते में कराती है, तो उसे 10 अंक दिए जाएंगे।

सहकारी समितियों का मूल्यांकन कितने अंकों पर होगा?

नई व्यवस्था के अनुसार समितियों का मूल्यांकन कुल 50 अंकों के आधार पर किया जाएगा। प्रदर्शन के अनुसार उनकी रैंकिंग तय होगी।

नई रैंकिंग प्रणाली में किन सेवाओं को शामिल किया गया है?

इसमें MSP पर फसल खरीद, समय पर भुगतान, खाद-बीज की उपलब्धता, कस्टम हायरिंग सेंटर, ड्रोन सेवाएं, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, ऑडिट और रिकॉर्ड प्रबंधन जैसी सेवाएं शामिल हैं।

किसानों को इस नई व्यवस्था से क्या लाभ मिलेगा?

किसानों को समय पर MSP भुगतान, बुवाई से पहले खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि यंत्र और ड्रोन किराये पर मिलने की सुविधा, तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं का लाभ पहले से अधिक पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।

सबसे अधिक अंक किस श्रेणी के लिए निर्धारित किए गए हैं?

उर्वरक, बीज और कीटनाशकों के बफर स्टॉक तथा उनके सुचारू वितरण के लिए सबसे अधिक 15 अंक निर्धारित किए गए हैं।

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