Table of Contents
Balram Krishi Mahotsav 2026: बलराम कृषि महोत्सव के मंच से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस किसानों की कमाई बढ़ाने, खेती को नई तकनीक से जोड़ने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और प्रदेश की कृषि उपज को देश-विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने पर है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़वानी की मशहूर लाल मिर्च को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही। साथ ही प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को बाजार मूल्य के आधार पर चार गुना तक मुआवजा देने, डेयरी कारोबार के लिए 42 लाख रुपये तक के ऋण, 33 प्रतिशत अनुदान, कपास उत्पादकों को PM मित्रा पार्क से मिलने वाले अवसरों और केला किसानों के लिए मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित करने जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इन फैसलों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देना बताया गया।

बड़वानी की लाल मिर्च को मिलेगी नई पहचान, GI टैग दिलाने की तैयारी शुरू। Balram Krishi Mahotsav 2026।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बड़वानी के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को भी तेजी से अपना रहे हैं। बेहतर ग्रेडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन होने की वजह से यहां की लाल मिर्च की मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी बढ़ रही है। कृषि से जुड़ी ऐसी ही नई जानकारी के लिए किसान भाइयों Bihar Agro को विजिट करें।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बड़वानी की प्रसिद्ध लाल मिर्च को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। यह टैग मिलने के बाद इस मिर्च को उसकी भौगोलिक पहचान के आधार पर अलग पहचान मिलेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी। साथ ही किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने और निर्यात के नए अवसर खुलने की भी उम्मीद है।
सिंचाई से लेकर बीज तक, किसानों के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जिले के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना है। इसके लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज और आधुनिक मंडी की सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी है।
- 5,000 करोड़ रुपये की सिंचाई योजनाएं: सेंधवा, निवाली, पाटी, नागलवाड़ी उद्वहन योजना और शहीद भीमा नायक सागर (लोअर गोई) परियोजना सहित कई योजनाओं पर करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनके पूरा होने के बाद जिले के 319 गांवों की 1.21 लाख हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
- 50 एकड़ में बनेगा बीज उत्पादन केंद्र: किसानों को प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज आसानी से उपलब्ध कराने के लिए बड़वानी में लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक आदर्श बीज उत्पादन केंद्र विकसित किया जा रहा है।
- खेतिया मंडी होगी हाईटेक: खेतिया कृषि उपज मंडी का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसे बेहतर सुविधाओं से लैस आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में अधिक सुविधा और बेहतर व्यवस्था मिल सके।

कपास किसानों के लिए बड़ी राहत, अब बेहतर बाजार और अच्छे दाम मिलने की उम्मीद।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बड़वानी के कपास उत्पादक किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। आधुनिक खेती के साथ-साथ किसानों को सीधे बड़े खरीदारों से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है।
- आधुनिक तकनीक से बढ़ रहा उत्पादन: जिले में करीब 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में किसान हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS) जैसी नई तकनीक से कपास की खेती कर रहे हैं। इससे उत्पादन बढ़ाने और खेती की लागत कम करने में मदद मिल रही है।
- बड़े खरीदारों से होगा सीधा जुड़ाव: किसानों की कपास को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण भारत की कपड़ा मिलों के साथ मार्केट लिंकेज तैयार किया जा रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए अधिक खरीदार और प्रतिस्पर्धी कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी।
- PM मित्रा पार्क से मिलेगा फायदा: पड़ोसी धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्रा पार्क बड़वानी के कपास किसानों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है। सरकार का लक्ष्य ‘खेत से फैक्ट्री तक’ मॉडल के जरिए किसानों की उपज को सीधे टेक्सटाइल उद्योग से जोड़ना है, जिससे उन्हें बेहतर और लाभकारी दाम मिलने की उम्मीद है।

बड़वानी के केले को मिलेगी नई उड़ान, विदेशों तक पहुंचेगी किसानों की उपज।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बड़वानी का केला अब सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार ऐसी सुविधाएं विकसित कर रही है, जिससे किसानों की उपज सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सके और उन्हें बेहतर कीमत मिल सके।
- विदेशों में बढ़ रही मांग: ड्रिप सिंचाई और टिश्यू कल्चर जैसी आधुनिक तकनीकों से तैयार होने वाला बड़वानी का केला अपनी गुणवत्ता के कारण खाड़ी देशों समेत कई विदेशी बाजारों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
- मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर बनेगा: राजपुर तहसील के घटवा क्षेत्र में आधुनिक मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इससे केले की प्रोसेसिंग, पैकिंग और भंडारण की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
- पैकहाउस और कोल्ड चेन की सुविधा: इस परियोजना के तहत आधुनिक पैकहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन नेटवर्क और ग्रेडिंग यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। इससे फलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी और निर्यात आसान होगा।
- किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार: नई सुविधाओं के शुरू होने के बाद बड़वानी के केले को सीधे विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की योजना है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने के साथ-साथ इस क्षेत्र की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत होने की उम्मीद है।
CM मोहन यादव ने किसानों के लिए गिनाईं कई बड़ी योजनाएं, जानिए किसे मिलेगा क्या फायदा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कई नई और पुरानी योजनाओं पर लगातार काम कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना और किसानों को बेहतर सुविधाएं देना है।
| योजना / पहल | किसानों को मिलने वाला लाभ |
|---|---|
| भूमि अधिग्रहण मुआवजा | विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन पर किसानों को बाजार मूल्य के मुकाबले चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान। |
| फसल ऋण व्यवस्था | किसानों को पूरे वर्ष के लिए एक ही बार फसल ऋण मिलेगा, जिसे चुकाने के लिए 12 महीने तक का समय दिया जाएगा। |
| डेयरी प्रोत्साहन योजना | 25 दुधारू पशुओं की डेयरी स्थापित करने पर 42 लाख रुपये तक का ऋण और 33% तक अनुदान मिलेगा। साथ ही प्रति गाय प्रोत्साहन राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दी गई है। |
| भावांतर भुगतान योजना | सोयाबीन के साथ अब सरसों और धान की फसलों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके। |
| धान और कोदो–कुटकी प्रोत्साहन | धान की खेती करने वाले किसानों को 4,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता, जबकि कोदो–कुटकी उत्पादकों को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। |
| बिजली और उर्वरक व्यवस्था | किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं उर्वरकों की पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ई-विकास प्रणाली लागू की गई है। |
Balram Krishi Mahotsav 2026 – (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Balram Krishi Mahotsav 2026 क्या है?
Balram Krishi Mahotsav 2026 मध्य प्रदेश सरकार का कृषि केंद्रित कार्यक्रम है, जिसमें किसानों के लिए नई योजनाओं, आधुनिक खेती और कृषि विकास से जुड़े बड़े फैसलों की घोषणा की गई।
Balram Krishi Mahotsav 2026 का किसानों पर क्या असर पड़ेगा
इस महोत्सव में घोषित योजनाओं से किसानों को बेहतर सिंचाई, आसान ऋण, आधुनिक बाजार, फसल का उचित मूल्य, कृषि प्रसंस्करण और निर्यात के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। इससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बड़वानी के केला उत्पादकों के लिए सरकार की क्या योजना है?
राजपुर के घटवा क्षेत्र में मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है, जहां पैकहाउस, कोल्ड चेन और ग्रेडिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे केले का निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी।
PM मित्रा पार्क से कपास किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
धार जिले में विकसित हो रहा PM मित्रा पार्क कपास किसानों को सीधे टेक्सटाइल उद्योग से जोड़ने का काम करेगा। इससे किसानों को बेहतर बाजार और अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
किसानों को 42 लाख रुपये तक का डेयरी लोन कैसे मिलेगा?
राज्य सरकार की डेयरी प्रोत्साहन योजना के तहत 25 दुधारू पशुओं की डेयरी स्थापित करने के लिए पात्र किसानों को 42 लाख रुपये तक का ऋण और 33% तक सब्सिडी देने का प्रावधान है।
Balram Krishi Mahotsav 2026 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या-क्या घोषणाएं कीं?
मुख्यमंत्री ने बड़वानी की लाल मिर्च को GI टैग दिलाने की पहल, 42 लाख रुपये तक डेयरी लोन, 33% सब्सिडी, बाजार दर से 4 गुना मुआवजा, सिंचाई परियोजनाओं और PM मित्रा पार्क से जुड़े कई बड़े ऐलान किए।
बड़वानी की लाल मिर्च को GI टैग मिलने से किसानों को क्या फायदा होगा?
GI टैग मिलने के बाद बड़वानी की लाल मिर्च को उसकी भौगोलिक पहचान मिलेगी। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहेगी।
अब सौंफ की खेती (Fennel Farming) बनेगी फायदे का सौदा! बिहार के इस जिले में किसानों को मिलेगा ₹20 हजार अनुदान
सौंफ की खेती (Fennel Farming) पर मिलेगा ₹20 हजार तक का अनुदानहल्दी के साथ अब सौंफ की खेती (Fennel cultivation)…
मिर्च को GI टैग, 4 गुना मुआवजा और 42 लाख तक लोन, CM मोहन यादव के बड़े ऐलानों से किसानों को राहत
बड़वानी की लाल मिर्च को मिलेगी नई पहचान, GI टैग दिलाने की तैयारी शुरू। Balram Krishi Mahotsav 2026।सिंचाई से लेकर…
किसानों को राहत! समय पर खाद-बीज और MSP भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नए मापदंड लागू। अब खाद-बीज और MSP भुगतान में नहीं होगी देरी, सहकारिता विभाग ने बनाए नए नियम।
50 अंकों की रैंकिंग ऐसे होगी तय, इन 11 मानकों पर परखी जाएंगी सहकारी समितियां (Rajasthan Cooperative Societies Performance Ranking)इन…
राजस्थान बीज प्रमाणीकरण नियम 2026: 4 बड़े बदलाव से किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
राजस्थान बीज प्रमाणीकरण नियम 2026 क्या है? (What is Rajasthan Seed Certification Rules 2026?)किसानों के लिए 4 बड़े बदलाव (4…
राजस्थान उर्वरक बिक्री आवेदन प्रणाली (FSAS) के 7 बड़े फायदे | किसानों के लिए ऑनलाइन खाद बुकिंग की पूरी जानकारी
राजस्थान उर्वरक बिक्री आवेदन प्रणाली क्या है? (What is Rajasthan Fertilizer Sales Application System?)FSAS पोर्टल के मुख्य उद्देश्य (Main Objectives…
क्या है E85 ईंधन, किसानों को कितना मिलेगा फायदा? 7 बड़े फायदे जो बदल सकते हैं खेती का भविष्य
किसानों को E85 ईंधन से कितना फायदा होगा (How much will farmers benefit from E85 fuel)?E85 ईंधन क्या है? (What…