सबसे ज्यादा उत्पादन देने वाली सोयाबीन की 15 उन्नत किस्में (Best Soybean Varieties) 2026

5/5 - (1 vote)

किसान भाइयों, आज के समय में अच्छी पैदावार और ज्यादा मुनाफा पाने के लिए सही बीज का चुनाव बहुत जरूरी हो गया है। खेती में मुनाफा सिर्फ मेहनत से नहीं, बल्कि सही बीज के चुनाव से आता है। अगर आप भी सोयाबीन की उन्नत किस्में (Best Soybean Varieties) खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। अक्सर किसान भाई पुरानी किस्मों का ही इस्तेमाल करते रहते हैं, जिससे पैदावार कम हो जाती है। लेकिन सोयाबीन की उन्नत किस्में अपनाकर आप न केवल फसल को बीमारियों से बचा सकते हैं, बल्कि अपनी कमाई को भी दोगुना कर सकते हैं।

सोयाबीन की उन्नत किस्में, Best Soybean Varieties, खेती, मुनाफा, JS 20-34, KDS 726, सोयाबीन बीज, पैदावार, Bihar Agro, Soybean Farming 2026, खरीफ फसल, कृषि समाचार, High Yield Seeds,

सही किस्म का चुनाव करने से उत्पादन बढ़ता है, रोग कम लगते हैं और बाजार में अच्छा दाम मिलता है। भारत में कई ऐसी उन्नत सोयाबीन किस्में मौजूद हैं जो कम समय में अधिक पैदावार देने के लिए जानी जाती हैं। खेती-बाड़ी की ऐसी ही सटीक जानकारी के लिए आप Bihar Agro से जुड़े रह सकते हैं।

सोयाबीन की उन्नत किस्में क्यों जरूरी हैं? (Why Best Soybean Varieties Are Important)

भारत में सोयाबीन की खेती तेजी से बढ़ रही है क्योंकि इसकी मांग तेल, पशु आहार और फूड इंडस्ट्री में काफी ज्यादा है।
National Food Security Mission के अनुसार बेहतर किस्मों का उपयोग करने से 20% तक अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

सोयाबीन की उन्नत किस्में: पैदावार और कमाई का सही रास्ता (Best Soybean Varieties: Path to Yield and Profit)

भारत में सोयाबीन की खेती मुख्य रूप से खरीफ सीजन में की जाती है। भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (IISR) का कहना है कि बीज का चुनाव आपकी मिट्टी और वहां की जलवायु के आधार पर होना चाहिए। सोयाबीन की उन्नत किस्में वही अच्छी मानी जाती हैं जो कम समय में पकें और जिनमें कीटों से लड़ने की क्षमता अधिक हो।

सोयाबीन की उन्नत किस्में, Best Soybean Varieties, खेती, मुनाफा, JS 20-34, KDS 726, सोयाबीन बीज, पैदावार, Bihar Agro, Soybean Farming 2026, खरीफ फसल, कृषि समाचार, High Yield Seeds,
टॉप सोयाबीन किस्में और उनकी खासियत (Top Soybean Varieties and Their Features)
  • JS 20-34: यह किस्म बहुत ही कम समय (करीब 85-90 दिन) में पककर तैयार हो जाती है। ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के अनुसार, यह उन क्षेत्रों के लिए वरदान है जहाँ बारिश जल्दी खत्म हो जाती है।
  • KDS 726 (फुले संगम): महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के किसानों की यह पहली पसंद बनती जा रही है। इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक है।
  • JS 95-60: यह उन्नत सोयाबीन किस्म अधिक उत्पादन और मजबूत पौध वृद्धि के लिए जानी जाती है। बारिश वाले क्षेत्रों में भी इसकी पैदावार अच्छी रहती है। यह किस्म 95-100 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 25-30 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। महाराष्ट्र, बिहार और मध्यप्रदेश में इसकी खेती अधिक की जाती है। यह रोग प्रतिरोधक, अधिक फलियों वाली और बेहतर दाना गुणवत्ता देने वाली वेरायटी है।
  • NRC 138: यह नई किस्म है जो सूखे को सहने की अच्छी क्षमता रखती है।
  • JS-335: यह भारत की सबसे लोकप्रिय सोयाबीन किस्मों में से एक है। कम लागत में अच्छा उत्पादन देती है और किसानों को स्थिर मुनाफा प्रदान करती है। सोयाबीन की यह किस्म 90-95 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 20-25 क्विंटल/हेक्टेयर होता है। बिहार, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की जलवायु के लिए उपयुक्त मानी जाती है। यह जल्दी पकने वाली, पीला मोजैक रोग सहनशील और अधिक तेल उत्पादन देने वाली वेरायटी है।
  • NRC-37 (Ahilya-4): यह सोयाबीन की उन्नत किस्म अधिक तेल और प्रोटीन मात्रा के लिए प्रसिद्ध है। इसके दानों की गुणवत्ता काफी अच्छी मानी जाती है। यह किस्म 100-105 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 22-28 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। मध्यप्रदेश और राजस्थान के लिए यह उपयुक्त मानी जाती है। यह अधिक तेल उत्पादन, बेहतर दाना गुणवत्ता और बाजार में अच्छी कीमत देने वाली वेरायटी है।
  • RVS-2001-4: यह किस्म सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के लिए काफी लाभदायक मानी जाती है। कम पानी में भी यह अच्छा उत्पादन देने की क्षमता रखती है। यह 90-100 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 20-24 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। राजस्थान और गुजरात की जलवायु में इसकी खेती सफल रहती है। यह सूखा सहनशील, मजबूत पौध संरचना और स्थिर उत्पादन देने वाली वेरायटी है।
  • MAUS-71: यह उन्नत सोयाबीन किस्म अधिक पैदावार और बेहतर तेल प्रतिशत के लिए जानी जाती है। किसान इसे अधिक मुनाफे वाली किस्म मानते हैं। यह 95-100 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन लगभग 25 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। महाराष्ट्र में इसकी खेती तेजी से बढ़ रही है। यह रोग सहनशील, उच्च तेल मात्रा और बेहतर बाजार मांग वाली वेरायटी है।
  • JS-20-29: यह नई उन्नत सोयाबीन किस्म कम समय में अधिक उत्पादन देने के लिए जानी जाती है। इसके पौधे मजबूत और फलियां अधिक होती हैं। यह किस्म 90-95 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 26-30 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए यह बेहतर विकल्प मानी जाती है। यह अधिक उपज, रोग प्रतिरोधक और उच्च गुणवत्ता वाली वेरायटी है।
  • PS-1347: यह मध्यम अवधि में तैयार होने वाली उन्नत सोयाबीन किस्म है। इसकी अंकुरण क्षमता अच्छी होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है। यह किस्म लगभग 100 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 22-26 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। उत्तरप्रदेश और बिहार में इसकी खेती सफल रहती है। यह मजबूत पौध वृद्धि, कम रोग प्रभाव और बेहतर उत्पादन देने वाली वेरायटी है।
  • PK-472: यह सोयाबीन की किस्म मजबूत जड़ प्रणाली और बेहतर पौध विकास के लिए जानी जाती है। कम समय में अच्छी पैदावार देने की क्षमता रखती है। यह किस्म लगभग 95 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 20-24 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। पंजाब और हरियाणा में इसकी खेती अधिक की जाती है। यह मजबूत पौधे, बेहतर अंकुरण और स्थिर उत्पादन देने वाली वेरायटी है।
  • MACS-1188: यह किस्म अधिक तेल मात्रा और बेहतर गुणवत्ता वाले दानों के लिए प्रसिद्ध है। तेल उद्योग में इसकी मांग काफी अधिक रहती है। यह 100-105 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 24-28 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के लिए यह उपयुक्त मानी जाती है। यह उच्च तेल प्रतिशत, बेहतर गुणवत्ता और अधिक मुनाफा देने वाली वेरायटी है।
  • NRC-86: यह उन्नत सोयाबीन किस्म अधिक बारिश वाले क्षेत्रों के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती है। जलभराव की स्थिति में भी यह अच्छा उत्पादन देती है। यह 105 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन लगभग 25 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसकी खेती की जाती है। यह अधिक नमी सहनशील, रोग प्रतिरोधक और स्थिर उत्पादन देने वाली वेरायटी है।
  • JS-9305: यह किस्म अधिक फलियां और बेहतर बीज गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। किसानों को स्थिर उत्पादन और अच्छा बाजार भाव दिलाने में मदद करती है। यह 90-95 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 22-27 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की जलवायु के लिए उपयुक्त है। यह अधिक फलियां, मजबूत पौधे और बेहतर उत्पादन वाली वेरायटी है।
  • MAUS-162: यह जल्दी तैयार होने वाली उन्नत सोयाबीन किस्म है। कम अवधि में तैयार होने के कारण किसान दूसरी फसल भी आसानी से ले सकते हैं। यह 85-90 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 20-23 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में इसकी खेती की जाती है। यह जल्दी पकने वाली, रोग प्रतिरोधक और बेहतर गुणवत्ता वाली वेरायटी है।
  • RSC-10-17: यह किस्म कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी अच्छा उत्पादन देने के लिए जानी जाती है। सूखा और रोग दोनों को सहन करने की क्षमता रखती है। यह 95-100 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 24-26 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। राजस्थान और गुजरात में इसकी खेती सफल रहती है। यह सूखा सहनशील, रोग प्रतिरोधक और स्थिर उपज देने वाली वेरायटी है।
  • NRC-128: यह उन्नत सोयाबीन किस्म उच्च गुणवत्ता और अधिक पैदावार के लिए प्रसिद्ध है। बाजार में इसके दानों की मांग काफी अच्छी रहती है। यह 100 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन लगभग 28 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में इसकी खेती की जाती है। यह अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता और उच्च बाजार मूल्य देने वाली वेरायटी है।
  • AMS-MB-5-18: यह आधुनिक खेती के लिए उपयुक्त हाई-यील्ड सोयाबीन किस्म मानी जाती है। नई कृषि तकनीकों के साथ यह काफी अच्छा प्रदर्शन करती है। यह किस्म लगभग 95 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 25-30 क्विंटल/हेक्टेयर तक होता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों के लिए यह बेहतर विकल्प है। यह अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और ज्यादा मुनाफा देने वाली वेरायटी है।
सोयाबीन की उन्नत किस्में, Best Soybean Varieties, खेती, मुनाफा, JS 20-34, KDS 726, सोयाबीन बीज, पैदावार, Bihar Agro, Soybean Farming 2026, खरीफ फसल, कृषि समाचार, High Yield Seeds,

सोयाबीन की उन्नत किस्में चुनते समय ध्यान रखने वाली बातें (Things To Consider Before Selecting Best Soybean Varieties)

  • अपने क्षेत्र की जलवायु देखें।
  • मिट्टी की जांच जरूर कराएं।
  • प्रमाणित बीज ही खरीदें।
  • रोग प्रतिरोधक किस्में चुनें।

अधिक कृषि जानकारी के लिए आप Bihar Agro पर भी विजिट कर सकते हैं।

सोयाबीन की उन्नत किस्में से होने वाले फायदे (Benefits of Best Soybean Varieties)

  • अधिक उत्पादन।
  • कम रोग।
  • बेहतर बाजार भाव।
  • अधिक तेल और प्रोटीन।
  • कम लागत में ज्यादा मुनाफा।

निष्कर्ष (Conclusion)

किसान भाइयों, सही बीज ही सफल खेती की नींव है। सही सोयाबीन की उन्नत किस्में (Best Soybean Varieties) जैसे JS 20-34 या फुले संगम का चुनाव करके आप कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। हमेशा प्रमाणित बीज का उपयोग करें और बुवाई से पहले उपचार करना न भूलें। अपने क्षेत्र के अनुसार किस्म का चुनाव करें।

सोयाबीन की उन्नत किस्में, Best Soybean Varieties, खेती, मुनाफा, JS 20-34, KDS 726, सोयाबीन बीज, पैदावार, Bihar Agro, Soybean Farming 2026, खरीफ फसल, कृषि समाचार, High Yield Seeds,

FAQs – सोयाबीन की उन्नत किस्में (Best Soybean Varieties FAQs)

सबसे ज्यादा उत्पादन देने वाली सोयाबीन की किस्म कौन सी है?

JS-9560 और MAUS-71 को सबसे ज्यादा उत्पादन देने वाली किस्मों में माना जाता है।

बिहार में कौन सी सोयाबीन किस्म अच्छी रहती है?

JS-335 और MAUS-71 बिहार के लिए बेहतर मानी जाती हैं।

सोयाबीन की खेती में कितना समय लगता है?

अधिकतर उन्नत किस्में 90 से 110 दिनों में तैयार हो जाती हैं।

कौन सी सोयाबीन किस्म रोग प्रतिरोधक है?

JS-9560 पीला मोजैक रोग के खिलाफ अच्छी प्रतिरोधक क्षमता रखती है।

सबसे ज्यादा पैदावार देने वाली सोयाबीन की किस्म कौन सी है?

भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के अनुसार, KDS 726 और NRC सीरीज की नई किस्में प्रति हेक्टेयर 25-30 क्विंटल तक पैदावार दे सकती हैं।

सोयाबीन बोने का सही समय क्या है?

आमतौर पर मानसून की पहली अच्छी बारिश (जून के आखिरी हफ्ते से जुलाई के पहले हफ्ते तक) के बाद सोयाबीन की उन्नत किस्में बोनी चाहिए।

क्या सोयाबीन के बीज को उपचारित करना जरूरी है?

हाँ, कार्बेन्डाजिम या थीरम जैसी दवाओं से उपचार करने पर फसल की शुरुआती ग्रोथ अच्छी होती है।

बिहार में कृषि यंत्र खरीदने का सुनहरा मौका! 86 मशीनों पर सब्सिडी के लिए 30 सितंबर तक करें Online Apply Bihar Agriculture, Krishi Yantra Subsidy, Bihar Krishi Yantrikaran Yojana, OFMAS, Agriculture Machinery, Tractor Subsidy Bihar, Farmer Registration Bihar, SMAM Bihar, Bihar Farmer Scheme, Agricultural Equipment Subsidy, Bihar Agriculture Krishi Yantra Application 2026, Bihar Krishi Yantra Subsidy 2026, Bihar Agriculture Machinery Subsidy, Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026, OFMAS Bihar, Bihar Tractor Subsidy 2026, Agricultural Machinery Subsidy Bihar, DBT Bihar Farmer Registration, SMAM Bihar 2026, बिहार कृषि, कृषि यंत्र सब्सिडी, बिहार कृषि यंत्रीकरण योजना, OFMAS, कृषि मशीनरी, ट्रैक्टर सब्सिडी बिहार, किसान पंजीकरण बिहार, SMAM बिहार, बिहार किसान योजना, कृषि उपकरण सब्सिडी, बिहार कृषि कृषि यंत्र आवेदन 2026, बिहार कृषि यंत्र सब्सिडी 2026, बिहार कृषि मशीनरी सब्सिडी, बिहार कृषि यंत्रीकरण योजना 2026, OFMAS बिहार, बिहार ट्रैक्टर सब्सिडी 2026, कृषि मशीनरी सब्सिडी बिहार, डीबीटी बिहार किसान पंजीकरण, एसएमएएम बिहार 2026,

बिहार में कृषि यंत्र खरीदने का सुनहरा मौका! 86 मशीनों पर सब्सिडी के लिए 30 सितंबर तक करें Online Apply

Bihar Agriculture Krishi Yantra Application 2026: आवेदन का दरवाजा खुला, तारीख नोट कर लें86 कृषि यंत्रों तक पहुंच, लेकिन सब्सिडी…

बिहार गन्ना यंत्रीकरण योजना (Bihar Ganna Yantrikaran Yojana) का उद्देश्य बिहार गन्ना यंत्रीकरण योजना, Bihar Ganna Yantrikaran Yojana, Bihar Ganna Yantrikaran Yojana 2026, बिहार गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026,

बिहार गन्ना यंत्रीकरण योजना (Bihar Ganna Yantrikaran Yojana) का उद्देश्य

45 कृषि यंत्रों की सूची में Rotavator से Harvester तक कई विकल्पबिहार में गन्ने की खेती अब मशीनों के सहारे…

Rotocultivator ke Fayde: खेती की मिट्टी को तैयार करने वाला 7 Powerful कृषि यंत्र Rotocultivator ke Fayde, Rotocultivator, रोटोकल्टीवेटर, रोटावेटर, Rotocultivator Subsidy, कृषि यंत्र, Shaktiman Rotavator, Agriona Rotavator, SoilTiger Rotavator, कृषि यंत्रीकरण, रोटोकल्टीवेटर के फायदे, रोटोकल्टीवेटर, रोटोकल्टीवेटर, रोटावेटर, रोटोकल्टीवेटर सब्सिडी, कृषि यंत्र, शक्तिमान रोटावेटर, एग्रियोना रोटावेटर, सॉइलटाइगर रोटावेटर, कृषि यंत्र,

Rotocultivator ke Fayde: खेती की मिट्टी को तैयार करने वाला 7 Powerful कृषि यंत्र

रोटोकल्टीवेटर आखिर होता कैसा है?खेत की तैयारी में क्यों बढ़ी Rotocultivator की मांग?PTO से ब्लेड तक: ऐसे काम करता है…

गन्ने की कटाई में आया बड़ा बदलाव! 5 जरूरी बातें जानें Sugarcane Harvester (Automatic) के बारे में Sugarcane Harvester, Automatic Sugarcane Harvester, गन्ना हार्वेस्टर, गन्ना कटाई मशीन, Sugarcane Harvesting Machine, Shaktiman Sugarcane Harvester, New Holland Harvester, S FAAM Harvester, गन्ना यंत्रीकरण, गन्ना खेती मशीन, Sugarcane Harvester (Automatic), Sugarcane Harvester Automatic,

गन्ने की कटाई में आया बड़ा बदलाव! 5 जरूरी बातें जानें Sugarcane Harvester (Automatic) के बारे में

Sugarcane Harvester Automatic ने खेत में क्यों बढ़ाई अपनी चर्चा?खेत में पहुंचते ही मशीन करती है कई काम एक साथS…

गन्ना किसानों के लिए बड़ा मौका! SuMech पर 45 कृषि यंत्रों की Powerful Subsidy, जानिए आवेदन से लेकर चयन तक पूरा तरीका Ganna Yantrikaran (SuMech) Par Subsidy me Milne Wale Krishi Yantra, Ganna Yantrikaran, SuMech, गन्ना कृषि यंत्र, गन्ना मशीनरी सब्सिडी, Sugarcane Mechanization, बिहार गन्ना योजना, गन्ना किसान, कृषि यंत्र अनुदान, SuMech Subsidy, Sugarcane Machinery,

गन्ना किसानों के लिए बड़ा मौका! SuMech पर 45 कृषि यंत्रों की Powerful Subsidy, जानिए आवेदन से लेकर चयन तक पूरा तरीका

Ganna Yantrikaran (SuMech) Par Subsidy me Milne Wale Krishi Yantra की पूरी खबर क्या है?पेड़ी गन्ने की चिंता खत्म करने…

बिहार के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर! SuMech पर Online आवेदन का आसान तरीका, जानिए हर जरूरी Step Ganna Yantrikaran Software (SuMech) par Online Aavedan Kaise karen, SuMech Online Apply, Ganna Yantrikaran Yojana Bihar, गन्ना यंत्रीकरण योजना, SuMech Portal Bihar, Ganna Kisan Subsidy, गन्ना कृषि यंत्र सब्सिडी, Sugarcane Mechanization Bihar, SuMech Farmer Application, Ganna Registration ID, गन्ना यंत्रीकरण, SuMech, SuMech Portal, बिहार गन्ना किसान, गन्ना कृषि यंत्र, कृषि यंत्र सब्सिडी, गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27, बिहार किसान योजना, गन्ना खेती, Farmer Subsidy, Sugarcane Mechanization, Bihar Agriculture,

बिहार के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर! SuMech पर Online आवेदन का आसान तरीका, जानिए हर जरूरी Step

गन्ना किसानों के लिए SuMech बना आसान ऑनलाइन रास्ताGanna Yantrikaran Software (SuMech) par Online Aavedan Kaise karen? जानिए पहला कदम“किसान…

Leave a comment